राम जी के भजन | Ram Bhajan | Shree Ram Bhajan

चित्र
राम जी के भजन राम का नाम लेते-लेते मेरी उमरिया बीती जाए राम का नाम लेते-लेते, मेरी उमरिया बीती जाए, हे प्रभु! आप कब मिलेंगे, अब तो दर्शन दीजिए। हर सुबह हर शाम पुकारूं, तेरी राहों में मैं निहारूं। मन में आस जगी है प्यारे, कब आओगे मुरारी? भक्ति में जीवन बिता दिया, अब तो दर्शन दीजिए। राम का नाम लेते-लेते, मेरी उमरिया बीती जाए… मंदिर-मंदिर दीप जलाए, हर गली हर द्वार बुलाए। भजन गाकर, ध्यान लगाकर, तेरी महिमा गाए। अब तो आओ हे कृपालु, मुझको दर्शन दीजिए। राम का नाम लेते-लेते, मेरी उमरिया बीती जाए… तेरी लीला अपरंपार, संत-जन भी कहें बार-बार। जो भी तेरा नाम पुकारे, उसका हो उद्धार। मैं भी तेरा दास प्रभु, अब तो कृपा दीजिए। राम का नाम लेते-लेते, मेरी उमरि...

श्री बजरंग बाण | Shri Bajrangbaan in Hindi

श्री बजरंग बाण



दोहा
  • निश्चय प्रेम प्रतीत ते, विनय करें सनमान।
  • तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥
चौपाई
  • जय हनुमंत संत हितकारी।
  • सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
  • जन के काज विलम्ब न कीजै।
  • आतुर दौरि महा सुख दीजै॥
  • जैसे कूदि सिन्धु महिपारा।
  • सुरसा बदं पैठि बिस्तारा॥
  • आगे जाई लंकिनी रोका।
  • मारेहु लात गई सुरलोका॥
  • जाय विभीषण को सुख दीन्हा।
  • सीता निरखि परम पद लीन्हा॥
  • बाग उजारी सिंधु महं बोरा।
  • अति आतुर जमकातर तोरा॥
  • अक्षय कुमार मारि संहारा।
  • लूम लपेट लंक को जारा॥
  • लाह समान लंक जरि गई।
  • जय-जय धुनि सुरपुर नभ भई॥
  • अब विलम्ब केहि कारण स्वामी।
  • कृपा करहु उर अन्तर्यामी॥
  • जय-जय लक्ष्मण प्राण के दाता।
  • आतुर होय दुख हरहु निपाता॥
  • जै गिरिधर जै जै सुखसागर।
  • सुर समूह समरथ भटनागर॥
  • ॐ हनु-हनु-हनु हनुमन्त हठीले।
  • बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥
  • गदा बज्र लै बैरिहिं मारो।
  • महाराज प्रभु दास उबारो॥
  • ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो।
  • बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥
  • ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा।
  • ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥
  • सत्य होहु हरि शपथ पाय के।
  • रामदूत धरु मारु धाय के॥
  • जय जय जय हनुमंत अगाधा।
  • दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥
  • पूजा जप तप नेम अचारा।
  • नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥
  • वन उपवन, मग गिरि गृह माहीं।
  • तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं॥
  • पांय परों कर जोरि मनावौं।
  • यहि अवसर अब केहि गोहरावौं॥
  • जय अंजनि कुमार बलवन्ता।
  • शंकर सुवन वीर हनुमंता॥
  • बदन कराल काल कुल घालक।
  • राम सहाय सदा प्रति पालक॥
  • भूत प्रेत पिशाच निशाचर।
  • अग्नि बेताल काल मारी मर॥
  • इन्हें मारु तोहिं शपथ राम की।
  • राखु नाथ मरजाद नाम की॥
  • जनकसुता हरि दास कहावौ।
  • ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥
  • जय जय जय धुनि होत अकाशा।
  • सुमिरत होत दुसह दुःख नाशा॥
  • चरण शरण कर जोरि मनावौ।
  • यहि अवसर अब केहि गौहरावौं॥
  • उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई।
  • पांय परौं कर जोरि मनाई॥
  • ॐ चं चं चं चपल चलंता।
  • ॐ हनु हनु हनु हनुमंता॥
  • ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल।
  • ॐ सं सं सहमि पराने खल दल॥
  • अपने जन को तुरत उबारो।
  • सुमिरत होय आनन्द हमारो॥
  • यह बजरंग बाण जेहि मारै।
  • ताहि कहो फिर कौन उबारै॥
  • पाठ करै बजरंग बाण की।
  • हनुमत रक्षा करैं प्राण की॥
  • यह बजरंग बाण जो जापै।
  • तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥
  • धूप देय अरु जपै हमेसा।
  • ताके तन नहिं रहै कलेसा॥
दोहा
  • प्रेम प्रतीतहि कपि भजै, सदा धरैं उर ध्यान।
  • तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

Our other websites

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मनसा महादेव व्रत कथा | Mansha Mahadev Vrat Katha in Hindi

करवा चौथ व्रत की कथा | Karwa Chauth Vrat Ki Katha

राम जी के भजन | Ram Bhajan | Shree Ram Bhajan