राम जी के भजन | Ram Bhajan | Shree Ram Bhajan

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राम जी के भजन राम का नाम लेते-लेते मेरी उमरिया बीती जाए राम का नाम लेते-लेते, मेरी उमरिया बीती जाए, हे प्रभु! आप कब मिलेंगे, अब तो दर्शन दीजिए। हर सुबह हर शाम पुकारूं, तेरी राहों में मैं निहारूं। मन में आस जगी है प्यारे, कब आओगे मुरारी? भक्ति में जीवन बिता दिया, अब तो दर्शन दीजिए। राम का नाम लेते-लेते, मेरी उमरिया बीती जाए… मंदिर-मंदिर दीप जलाए, हर गली हर द्वार बुलाए। भजन गाकर, ध्यान लगाकर, तेरी महिमा गाए। अब तो आओ हे कृपालु, मुझको दर्शन दीजिए। राम का नाम लेते-लेते, मेरी उमरिया बीती जाए… तेरी लीला अपरंपार, संत-जन भी कहें बार-बार। जो भी तेरा नाम पुकारे, उसका हो उद्धार। मैं भी तेरा दास प्रभु, अब तो कृपा दीजिए। राम का नाम लेते-लेते, मेरी उमरि...

श्री राम स्तुति | Shri Ram Stuti in Hindi

श्री राम स्तुति



दोहा
  • श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
  • नवकंज लोचन कंज मुखकर कंज पद कन्जारुणम्॥
  • कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
  • पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्॥
  • भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
  • रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्॥
  • सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
  • आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं॥
  • इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
  • मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्॥
  • मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
  • करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो॥
  • एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
  • तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली॥
सोरठा
  • जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
  • मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे॥

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